सहकारी सेवाएं

सहकारी सेवाएं

डेरी बोर्ड सहकारिता विकास एवं शासन कार्यक्रमों का कार्यान्वयन देश भर में करता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उन सहकारी संस्थाओं का निर्माण करना है जोसंचालन में आत्मनिर्भर हों, संयुक्त स्वामित्व वाली हों, प्रजातांत्रिक रूप से नियंत्रित हों, व्यावसायिक दृष्टि से प्रबंधित हों और अपने सदस्यों की सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक अपेक्षाओं के प्रति उत्तरदायी हों।

लचीली, आत्मनिर्भर सहकारी संस्थाओं के निर्माण में सहायता देने के अतिरिक्त, राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड दुग्ध उत्पादक की सेवा के प्रति भी वचनबद्ध है। बोर्ड ने इस दृष्टि से ही अपनी गतिविधियों में महिला विकास एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम रखे हैं जिससे दुग्ध अधिप्रप्ति के लिए पारदर्शी एवं निष्पक्षता अपनाई जा सके । दुग्ध सहकारी संस्थाओं को आवश्यकता के अनुसार परामर्श सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं जिससे कि वे अपनी सहकारी संस्थाओं को बनाने के लिए आवश्यक योजनाएं बना कर दुग्ध संकलन में वृद्धि कर सकें।

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड निम्न क्षेत्रों में सहायता देता हैः

हमारी ग्राहक संस्थाओं अर्थात राज्य सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ और दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अतिरिक्त राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की सहकारी विकास एवं शासन सेवाएं उन गैर सरकारी संस्थाओं, उत्पादक कंपनियों  और विकासपरक अभिकरणों (एजेंसीज) को भी उपलब्ध है जो दुग्ध सहकारी संस्थाओं एवं संबंधित सहकारी संस्थाओं तथा महिलाओं को शक्ति संपन्न करने में तत्पर हैं।

राज्य सरकार / डेरी सहकारी संस्थाओं के अनुरोध पर एनडीडीबी उन सहकारी संस्थाओं का प्रबंधन लेती है जिन्हें निर्धारित अवधि के लिए अपने अभियान में सहायता की आवश्यकता होती है। इन्हें प्रबंधित परियोजनाएं कहा जाता है।