तकनीकी हस्‍तक्षेप एवं विकास गतिविधियां

तकनीकी हस्‍तक्षेप एवं विकास गतिविधियां

किसान के स्‍तर पर/बल्‍क मिल्‍क कूलर इकाइयों में दूध की गुणवत्‍ता में सुधार लाने हेतु शिक्षा, जागरूकता तथा परामर्श सामग्रियों के रूप में मानक प्रचालन प्रक्रियाओं का विकास किया गया है।

स्‍वच्‍छ दूध उत्‍पादन (सीएमपी) दूध उत्‍पादक से डेरी संयंत्र तक कच्‍चे दूध की गुणवत्‍ता में सुधार करने के लिए महत्‍वपूर्ण है । दूध उत्‍पादकों एवं संघों के कर्मचारियों (संकलन/डीसीएस/विस्‍तार/ पशु चिकित्‍सकों इत्‍यादि) को सीएमपी प्रक्रियाओं तथा खाद्य सुरक्षा पर प्रशिक्षित किया जाता है।

  1. सौर ऊर्जा के उपयोग सहित गांव/डीसीएस स्‍तर पर दूध गुणवत्‍ता परीक्षण उपकरण- मिल्‍कोटेस्‍टर, मिल्क एनलाइजर  
  2. दूध की गुणवत्‍ता को बरकरार रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में बीएमसी के इस्‍तेमाल करने की संकल्‍पना की शुरूआत, प्रशिक्षण 
  3. उत्‍पादकों, डीसीएस कर्मचारियों तथा दूध संकलन पर्यवेक्षकों को सफाई, स्‍वच्‍छता, सीएमपी, हैंडलिंग प्रक्रियाओं पर शिक्षण/प्रशिक्षण सामग्री 
  4. डेरी संयंत्र के कर्मचारियों तथा गुणवत्‍ता आश्‍वासन/नियंत्रण कर्मचारियों को जीएमपी/जीएचपी, बीएमसी के ऑपरेशन तथा रख-रखाव, मिलावट की जांच, प्रसंस्‍कृत दूध की गुणवत्‍ता को बरकरार रखने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों पर प्रशिक्षित किया जाता है ।

महत्‍वपूर्ण सूचनाओं के प्रसार के लिए जरूरी गुणवत्‍ता तथा प्रसंस्‍करण तकनीकों से संबद्ध विभिन्‍न विषयों पर टेक न्‍यूज का प्रकाशन किया जाता है ।