पशु प्रजनन


पशु प्रजनन

गाय और भैंसों की उत्पादकता में निरन्तर वृद्धि उनकी आनुवंशिक क्षमता में वैज्ञानिक ढंग से सुधार के द्वारा प्राप्त हो सकती है। इसके लिए जरुरी है,

  •  संतति परीक्षण, नस्ल का चयन, ओपन न्युक्लियस ब्रीडिंग सिस्टम (बहु अंडाणु एवं भ्रूण अंतरण परियोजना) जैसे आनुवंशिक सुधार कार्यक्रमों द्वारा आनुवंशिक मूल्यांकन तथा उच्च आनुवंशिक गुण वाले वाले साँडों के उत्पादन का आधारभूत सुविधाएं तैयार करना।
  • आनुवंशिक सुधार कार्यक्रमों के माध्यम से उत्पादित साँडों के उच्च गुणवत्ता वाले रोग मुक्त वीर्य डोज़ के उत्पादन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण ।
  • केवल उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले साँडों से उत्पादित गुणवत्ता वाले वीर्य का उपयोग कर उत्पादकों को उनकी दहलीज पर कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण।
  • सांडों के उत्पादन, वीर्य उत्पादन तथा ए आई डिलीवरी के लिए विनियम व्यवस्था स्थापित करना।
  • घटनाओं के घटित होने के क्रमानुसार  डाटा लेने हेतु बुनियादी  ढांचे का निर्माण तथा सभी हितधारकों को निगरानी, निर्णय लेने और योजनाओं के लिए समय पर जानकारी  उपलब्ध कराना । सफल आनुवंशिक सुधार के लिए एक  अच्छा मॉडल 

 

कंप्यूटरीकृत जीवंत डाटाबेस बनाए रखना-जानकारी का उपयोग-उत्पादकता में सुधार

एनडीपी के तहत गाय-बैल और भैंसों में एक स्थिर आनुवंशिक प्रगति प्राप्त करने के लिए मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैः

  • एनडीपी-I के अंत तक में प्रजनन योग्य पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान को मौजूदा 25% से बढ़ाकर 35% करना और एनडीपी II के अंत में 50% करना।
  • एनडीपी-I के अंत में उच्च गुणवत्ता वाले रोग मुक्त वीर्य डोज़ के उत्पादन का मौजूदा स्तर 6.68 करोड़ से बढ़ाकर 10.0 करोड़ करना तथा एनडीपी II के अंत तक 14.0 करोड़ करना
  • तथा वीर्य उत्पादन के लिए एनडीपी I के अंत तक वार्षिक 900 साँड़ तथा एनडीपी II के अंत तक 1200 साँड उपलब्ध कराना।

इनमें से अधिकांश का संतति परीक्षण तथा वंशावली चयन के माध्यम से उत्पादन किया जाएगा और एक छोटी संख्या का विदेशी विशुद्ध प्रजनित साँडों या समतुल्य भ्रूणों के आयात से उत्पादन किया जाएगा जिससे कि देश के सभी वीर्य केन्द्रों में 100% साँड़ प्रतिस्थापन की आवश्यकता पूर्ण हो सके।