क्षेत्र विशेष खनिज मिश्रण

क्षेत्र विशेष खनिज मिश्रण

डेरी पशुओं के चारे और आहार में दुग्ध उत्पादन और प्रजनन के लिए जरुरी सभी खनिज शामिल नहीं होते। चारे और आहार में खनिजों का स्तर क्षेत्र से क्षेत्र में बदलता रहता है। अतः विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों के लिए खनिज मानचित्रण कार्यक्रम पर आधारित क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण तैयार करना जरूरी है। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड ने विभिन्न राज्यों के लिए खनिज मानचित्रण पूर्ण कर लिया है तथा डेरी पशुओं के आहार के पूरक हेतु क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण फोर्मुलेशन विकसित किए हैं। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड ने खनिज मिश्रण की उत्पादन प्रक्रिया और संयंत्र डिजाइन को मानकीकृत किया है । राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की मदद से विभिन्न राज्यों में विभिन्न एजेंसियों ने बढ़ते हुए तथा स्तनपान कराने वाले पशुओं के लिए क्षेत्र विशिष्ट खनिज मिश्रण का उत्पादन और बिक्री शुरू की है।
 
डेरी सहकारी समितियों एवं अन्य एजेंसियों को 12 और 25 मीट्रिक टन/प्रतिदिन क्षमता वाले खनिज मिश्रण संयंत्र स्थापित करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
 
पूरक आहार के विकास के लिए अनुसंधान तथा विकास पहल
 
डेरी पशुओं में गर्मी में न आने /गर्भाधान के पश्चात गर्भित न होने की समस्या के इलाज हेतु पशु पोषण ग्रुप ने “गर्ममिन गोलियां” विकसित की है। साथ ही दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए कैल्शियम, फोस्फोरस और विटामिन डी3 की पूरक खुराक के लिए ‘केलसागर’ आहार की गोलियां भी विकसित की हैं। डेरी पशुओं में गर्भाधान दर तथा दुग्ध उत्पादन में सुधार के लिए राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड की प्रयोगशाला ने बायपास फैट के साथ रूमेन सुरक्षित कोलाइन क्लोराइड को पूरक आहार के रूप में विकसित किया है। प्रजनन करने वाले सांडों के वीर्य की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने के लिए विटामिन आधारित पूरक आहार तथा उप नैदानिक थनैला एवं खनिज की कमी कम करने के लिए एक पूरक आहार पर विभिन्न स्थानों पर प्रयोग किए जा रहे हैं।